Jai shree ram

 ना बुझने दो लॉ उस दीपक की जो जलती तुम्हारे अंदर है,

यह देश नहीं है केवल प्रभु श्रीराम का प्रांगण है।।

क्या है तुमको चिंता जीवन में ,जब मां सीता का तुम पर आंचल है।।


बना दिया रीडी हम सब को दे  कर जीवन का आसार,

हमारा भी तो फर्ज बनता है करें हम हिंदुत्व का प्रसार।।

अब कैसे करूं निंदा रावण की  जो इतना बड़ा ज्ञानी था,

समझ ना पाया अपनी मृत्यु को थोड़ा सा अभिमानी था।।

महाभारत का संदर्भ लेकर श्री कृष्ण ने जीवन का सार दिया,

जो बने अधर्मी धरती पर उनको स्वयं ही मार दिया।।

जो करे पुण्य, प्रभु उनके जीवन में खुशियों का आसार भरो,

जो राजपूत करे निंदा हिंदुत्व की उसके लिए  परशुराम बनो।।

                        

                                                 जय श्री राम🚩🚩🚩

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